UP BEO भर्ती 2025: संशोधित नियमावली जारी, अब केवल योग्य अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग (BEO )के अंतर्गत खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की भर्ती को लेकर काफ़ी समय से अभ्यार्थियों कों इंतजार था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद संशोधित नियमावली 1992 का गजट जारी हो चुका है जिससे अब भर्ती इस भर्ती का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। UPPSC आयोग की तरफ से जल्द ही इसका विज्ञापन जारी होने वाला है /

खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भर्ती में क्या है? नये बदलाव….

इस बार की नियमावली में बहुत सारे अहम बदलाव किये गए है इन महत्वपूर्ण बदलाव को विस्तार से समझते है।

1. ‘समकक्षता’ शब्द को हटाया गया।
इस बार “समकक्ष”  योग्यता शब्द कों हटा दिया गया है क्योकि कौन-सी डिग्री या पाठ्यक्रम भर्ती के लिए मान्य हैं। इससे कई बार कोर्ट केस और भर्ती में देरी की स्थिति बन जाती थी।

अब नई नियमावली के अनुसार यह स्पष्टकर दिया गया है कि वह ही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मानक डिग्री प्राप्त कर रखी है। इससे योग्यता में स्पष्टता बनी रहेगी और आवेदन करने वाले अभ्यार्थियों के लिए पारदर्शिता आएगी।

2 .Lt ग्रेड डिप्लोमा और BTC को अयोग्य माना गया। पहले Lt ग्रेड डिप्लोमा और BTC करने वाले अभ्यर्थियों कों शिक्षा विभाग द्वारा योग्य मान लिया जाता था लेकिन अब संसोधित नियमावली के तहत यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसे अभ्यर्थी जो केवल एलटी या बीटीसी डिप्लोमा रखते हैं , वे इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

ऐसा करने से एक मायने में यह दर्शाया जाएगा कि केवल उच्च शिक्षित और योग्य अभ्यर्थी ही खंड शिक्षा अधिकारी क्षेत्र में तहत पंजीकृत किए जा सकते हैं।

BEO के कितने पद होंगे रिक्त?

शिक्षा निदेशालय ने लोक सेवा आयोग को अब 134 रिक्त पदों की सूची भेजी है। इस सूची के आधार पर आयोग शीघ्र ही भर्ती के लिए विज्ञापन देने जा रहा है। आयोग ने BEO के 309 पदों के लिए चयन प्रक्रिया 2019 में पूरी की थी।

BEO बनने के लिए क्या हो सकती हैं योग्यताएं?

संशोधित नियमन के तहत बीईओ पद के लिए निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताएँ अनिवार्य हो गई हैं:

  •  किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई डिग्री, अर्थात स्नातक उपाधि।
  • शिक्षा या संबंधित क्षेत्र में मान्यता प्राप्त शिक्षण योग्यता
  • आवेदन के समय निर्धारित आयु सीमा और अन्य मानदंड (विज्ञापन में निर्दिष्ट) पूरे करने होंगे।

इस संशोधन का महत्व –

पिछले वर्षों में कई बार ऐसा देखा गया है कि ‘समकक्ष’ श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करने वाले उम्मीदवार वास्तव में पद के लिए उपयुक्त नहीं थे। इससे न केवल योग्य उम्मीदवारों को परेशानी हुई, बल्कि भर्ती प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लग गया।

बीईओ पद की ज़िम्मेदारी क्या है?

खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) आमतौर पर विभिन्न विकास खंडों में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रबंधन और कामकाज की देखरेख करते हैं। BEO द्वारा निभाई जाने वाली मुख्य भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं:

  • विद्यालयों की जाँच और मूल्यांकन।
  • शिक्षकों के आचरण पर नज़र रखना।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना।
  • सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।

इसलिए यह पद न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ भी है।

# सारांश

उत्तर प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारी बनने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों के लिए वाकई अच्छी खबर है। संशोधित दिशानिर्देशों ने इस भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और कानूनी रूप से कठोर बना दिया है। आयोग द्वारा जल्द ही विज्ञापन जारी किए जाने की उम्मीद है, और उम्मीदवारों को अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

यह उन उम्मीदवारों के लिए वास्तव में एक सुनहरा अवसर है जो लंबे समय से इस भर्ती का इंतज़ार कर रहे हैं। समय पर आवेदन करें, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें और आधिकारिक वेबसाइट (UPPSC) पर अपडेट देखते रहें।

 

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